गुजर जाएगी शाम ढल जाएगी रात भी गुजर जाएगी। महीने बित जाएगा साल भी गुजर जाएगा।। तेरा मिलना अब इतेफाक बनके रह जायेगा यू तो रहती है बेरंग सी हवाये न जाने कब उसमे रंग भरा जाएगा ...

પ્રતિલિપિगुजर जाएगी शाम ढल जाएगी रात भी गुजर जाएगी। महीने बित जाएगा साल भी गुजर जाएगा।। तेरा मिलना अब इतेफाक बनके रह जायेगा यू तो रहती है बेरंग सी हवाये न जाने कब उसमे रंग भरा जाएगा ...