दिल की ये है दास्ताँन ना हम समज पाये ना तुम .... जो कभी चमका ही नही वो आसमान का सितारा हो तुम , जो कभी मेरे होठो पे आई ही नही वो मुस्कान हो तुम, जिसपे में कभी पहोंची ही नही उस राह की मंजिल हो ...
दिल की ये है दास्ताँन ना हम समज पाये ना तुम .... जो कभी चमका ही नही वो आसमान का सितारा हो तुम , जो कभी मेरे होठो पे आई ही नही वो मुस्कान हो तुम, जिसपे में कभी पहोंची ही नही उस राह की मंजिल हो ...