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ગુજરાતી

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया 🌻 भाग 1

4.8
815

आज पूरा घर रोशनी से नहाया हुआ था ; ऐसा लग रहा था जैसे दिवाली की रात हो , चारों तरफ जगमगाती बिजली की लड़ियाँ ऐसी लग रही थीं जैसे सितारे जमीं पर उतर आए हों ; द्वार पर आम के पत्तों की बंदनवार ,गेंदे ...

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मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया 🌻भाग 2
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शशि शर्मा ""अनामिका ""
4.9

ये 60 के दशक की बात है जब बिलासपुर के प्रतिष्ठित नागरिकों में से एक पीयूषधर दीवान की बड़ी सुपुत्री, सावित्री  का विवाह हो रहा था , घर में रौनक लगी हुई थी ; पाँच दिन तक तेल हल्दी चढ़ने की रस्म के बाद ...

લેખક વિશે
author
शशि शर्मा

अपने आसपास के पात्रों के जीवन से जुड़ी कहानियाँ ,मुझे लिखने के लिए प्रेरित करती हैं इसलिए मेरी कहानियों में अपनी मिट्टी की सुगन्ध होती है ,और ये हर किसीको अपने ही जीवन की कहानी लगती है । इन सभी पात्रों की भावनाओं को शब्दों में पिरोने का मंच मुझे प्रतिलिपी ने प्रदान किया है ,इसके लिए प्रतिलिपी को जितना भी धन्यवाद दूँ कम है ।☺️🙏🙏💐 नोट :- प्रतिलिपी में प्रकाशित मेरी सभी रचनाओं के सर्वाधिकार मेरे और प्रतिलिपी के पास सुरक्षित हैं ; किसी को भी इन्हें कॉपी पेस्ट या नकल करने का अधिकार नहीं है ;

ટિપ્પણીઓ
  • author
    આપનું રેટિંગ

  • કુલ ટિપ્પણી
  • author
    Radha Goyal
    17 ஜூலை 2023
    बेहद रोचक क्या हुआ बारात आने के समय यह जानने की उत्सुकता पैदा हो गई है।
  • author
    Anupama Tiwari
    04 ஜூன் 2023
    शानदार शुरुआत है कहानी की , रोचकता से भरपूर 👌👌👌👌👌👍👍👍👍👍👍👍
  • author
    मृणालिका दुबे
    04 ஜூன் 2023
    wah waah👌👌👌👌super se bhi uper👌👌👌👌💐💐💐💐
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    Radha Goyal
    17 ஜூலை 2023
    बेहद रोचक क्या हुआ बारात आने के समय यह जानने की उत्सुकता पैदा हो गई है।
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    Anupama Tiwari
    04 ஜூன் 2023
    शानदार शुरुआत है कहानी की , रोचकता से भरपूर 👌👌👌👌👌👍👍👍👍👍👍👍
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    मृणालिका दुबे
    04 ஜூன் 2023
    wah waah👌👌👌👌super se bhi uper👌👌👌👌💐💐💐💐